Article 370  के  बारे में आज जानेगें यह किससे संबन्धित है और अभी हाल ही में सुप्रीमकोर्ट का क्या निर्णय रहा है।

अनुच्छेद 370 भारत के संविधान का एक अस्थायी प्रावधान था, जो जम्मू-कश्मीर राज्य (जो अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित है) 

 जम्मू-कश्मीर राज्य (जो अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित है) विशेष दर्जा प्रदान करता था। यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था।

कानून निर्माण: केंद्र सरकार रक्षा, विदेश मामले, संचार और मुद्रा जैसे विषयों पर कानून बना सकती थी। अन्य विषयों पर कानून बनाने के लिए राज्य सरकार की सहमति आवश्यक थी 

नागरिकता: जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासियों को "स्थायी निवासी" का दर्जा प्राप्त था। इसमें विशेष अधिकार शामिल थे, जैसे कि जमीन खरीदने और सरकारी नौकरी पाने का अधिकार। 

5 अगस्त 2019 को, भारत सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया। 

अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के बाद, जम्मू-कश्मीर में कई बदलाव हुए हैं। राज्य का पुनर्गठन किया गया है, नए कानून लागू किए गए हैं, और राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है। 

1947:भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजन हुआ। जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन शासक, महाराजा हरि सिंह, ने दोनों देशों में से किसी के साथ भी विलय करने से इनकार कर दिया।

अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। भारत सरकार राज्य में विकास परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए काम कर रही है।